हरियाणा के तीन विश्वविद्यालय अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए साथ आए

फरीदाबाद, 8 जुलाई 2026: हरियाणा में उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को नई गति देते हुए मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज़ (MRIIRS), कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (SVSU) के बीच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान साझाकरण के लिए तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों को एक साझा मंच पर लाने वाली यह हरियाणा की पहली पहल है, जिसमें सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालय इस स्तर पर एक साथ आए हैं।
इन साझेदारियों के तहत संयुक्त अनुसंधान, फैकल्टी विकास कार्यक्रम, सम्मेलन, कार्यशालाएं, ज्ञान आदान-प्रदान, प्रयोगशालाओं एवं शैक्षणिक संसाधनों के साझा उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर संयुक्त शोध मार्गदर्शन, पाठ्यक्रम समृद्धि, शैक्षणिक मानकों का विकास, शोध प्रकाशन, प्रौद्योगिकी विकास तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध अनुदान के अवसरों पर भी मिलकर कार्य किया जाएगा। यह सहयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा, क्रेडिट मोबिलिटी और विभिन्न शैक्षणिक पहलों को भी प्रोत्साहित करेगा।
एमआरआईआईआरएस के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय श्रीवास्तव ने कहा, “विश्वविद्यालय तब सबसे बेहतर कार्य करते हैं जब वे एक-दूसरे से सीखते हैं। विभिन्न शैक्षणिक क्षमताओं का एक साथ आना बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देगा, अनुसंधान को मजबूत करेगा और विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के लिए नए शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराएगा। साथ ही यह विद्यार्थियों को ऐसे समय के लिए तैयार करेगा, जहां जटिल चुनौतियों के समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव हैं।”
इन सहयोगों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त समन्वय समिति का गठन किया जाएगा, जो विभिन्न सहयोगात्मक गतिविधियों की पहचान करेगी, उनकी प्रगति की समीक्षा करेगी और आपसी सहमति से तैयार कार्ययोजना के अनुसार उन्हें आगे बढ़ाएगी। एसवीएसयू के साथ सहयोग के तहत दोनों संस्थान अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स के माध्यम से अकादमिक मोबिलिटी तथा प्रस्तावित एमए पब्लिक पॉलिसी कार्यक्रम पर भी साथ मिलकर कार्य करेंगे।
एमआरआईआईआरएस की कार्यकारी निदेशक एवं डीन, इंटरनेशनल अफेयर्स एंड कोलैबोरेशंस, प्रो. (डॉ.) मीनाक्षी एस. खुराना ने कहा, “हर संस्थान अपनी विशिष्ट क्षमता के साथ इस सहयोग का हिस्सा बना है। शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग से जुड़ी विशेषज्ञता का यह समन्वय संयुक्त शिक्षण, अनुसंधान और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए नए अवसर तैयार करेगा तथा सहभागी विश्वविद्यालयों के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत बनाएगा।
एमआरआईआईआरएस की कार्यकारी निदेशक एवं डीन (अकादमिक्स) डॉ. मोनिका गोयल ने कहा, “यह सहयोग शिक्षण और अनुसंधान को नई दिशा देगा। संयुक्त पाठ्यक्रम विकास, शोध मार्गदर्शन, शोध प्रकाशनों और फैकल्टी विकास से जुड़ी पहलें शैक्षणिक वातावरण को और समृद्ध करेंगी तथा विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाएंगी।”
एमओयू पर हस्ताक्षर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित लेक्चर सीरीज़ एवं एमओयू एक्सचेंज समारोह के दौरान किए गए। कार्यक्रम में सहभागी विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों ने व्याख्यानों, विचार-विमर्श और एमओयू आदान-प्रदान के माध्यम से उच्च शिक्षा में सहयोग की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) संजय श्रीवास्तव ने “गीता से कालजयी ज्ञान और नेतृत्व की कला” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भगवद्गीता और कुरुक्षेत्र के संदर्भों के माध्यम से प्रभावी नेतृत्व के नौ प्रमुख गुणों पर प्रकाश डाला तथा बताया कि एक नेता का व्यक्तित्व किस प्रकार संस्थानों को दिशा देता है, उत्तरदायी नेतृत्व को प्रेरित करता है और बेहतर समाज के निर्माण में भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।



