मानव रचना संस्थान में आयोजित हुआ एजुकेशन टू आंत्रप्रेन्योरशिप कार्यक्रम का आयोजन

विशेषज्ञों ने छात्रों को दी आंत्रप्रेन्योर बनने की सीख
-तालीम-ओ-तरबियत संगठन की पहल पर डा.ओपी भल्ला फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित हुआ कार्यक्रम
-एनबीसीसी, पीएनबी व बीएसई ने भी दिया सहयोग
फरीदाबाद : युवाओं को सिर्फ किताबी शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें वित्तीय रूप से साक्षर बनाने और खुद का व्यवसाय शुरू करने को प्रेरित करने के उद्देश्य से तालीम-ओ-तरबियत संगठन ने मानव रचना शिक्षण संस्थान में डा.ओपी भल्ला फाउंडेशन के सहयोग से एजुकेशन टू आंत्रप्रेन्योरशिप कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत डा.ओपी भल्ला फाउंडेशन के वाइस चेयरमैन डा.एनसी वधवा द्वारा स्वागत संबोधन व कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालने से हुई। डा.वधवा ने युवाओं को बताया कि कैसे युवा इस कार्यक्रम में आए विशेषज्ञों के बताए गए गुर सीख कर अपने सपनों को पंख लगा कर सफल आंत्रप्रेन्योर बन सकते हैं। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत कर, साथ में विशेषकर तालीम-ओ-तरबियत के संस्थापक व मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के पूर्व चांसलर जफर सरेशवाला का इस आयोजन के लिए मानव रचना शिक्षण संस्थान को चुनने के लिए आभार व्यक्त किया।
डा.वधवा ने जफर सरेशवाला, विशिष्ट अतिथि एसबीआई के पूर्व सीएमडी रजनीश कुमार, कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ डा.गौरव वाही, निंबस पे टेक्नोलॉजी सान फ्रांसिस्को के सीईओ विरेन राना, विशेषज्ञ शिवांगी ठाकुर, एमआरआईआईआरएस की रजिस्ट्रार डा. मीनाक्षी खुराना, एमआरयू के रजिस्ट्रार संजय मिश्रा, डीन डा.मोनिका गोयल व एमआर के इनोवेशन सेंटर के निदेशक डा.उमेश दत्ता के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डा.एनसी वधवा ने सभी अतिथियों को पौधे भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जफर सरेशवाला ने आयोजन में शामिल भारत सरकार के उपक्रम एनबीसीसी व सहयोग करने वाले पीएनबी, बीएसई, डा.ओपी भल्ला फाउंडेशन व मानव रचना शिक्षण संस्थान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तालीम ओ तरबियत के तहत अब तक देशभर में इस तरह के 67 सफल कार्यक्रम कर चुके हैं और यह 68वां कार्यक्रम है। युवाओं से रूबरू होते हुए जफर सरेशवाला ने कहा कि आज का युग सिर्फ पैसे के दम पर सफल उद्यमी बनने का नहीं है। एक अच्छा आईडिया भी एक इंसान को सफलता की बुलंदियों तक पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि युवा आईडिया लेकर आएं, प्रोजेक्ट में लगाने को वित्त यानी पैसे का इंतजाम वह करवाएंगे।
करीब छह घंटे तक विभिन्न सत्रों में बंटे कार्यक्रम में स्कूलों और कालेजों के बच्चों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों
एसबीआई के पूर्व सीएमडी रजनीश कुमार, कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ डा.गौरव वाही, निंबस पे टेक्नोलॉजी सान फ्रांसिस्को के सीईओ विरेन राना, करियर लांचर की अध्यक्ष सुजाता क्षीरसागर ने कचरा प्रबंधन से लेकर तकनीकी आईडिया को और निखारने आदि विषयों पर कार्यशालाएं की, उनके साथ संवाद कर पढ़-लिख कर सिर्फ नौकरी के पीछे भागने की बजाय सफल उद्यमी, कारोबारी,
व्यवसायी बनने के गुर सिखाए और प्रदर्शन का अवलोकन किया। तालीम ओ तरबियत की सह संस्थापक आसिया जफरवाला ने महिलाओं के साथ कार्यशाला कर कुटीर उद्योग लगाने को प्रेरित किया। उपाध्यक्ष डा.स्वाति सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। सफल मंच संचालन रेडियो मानव रचना की उप निदेशक दीक्षा भास्कर भाटिया ने किया।



