कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में महाराजा अग्रसेन जयंती पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत

रेवाड़ी, 27 अक्टूबर 2026। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल मंगलवार को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ‘आधुनिक युग में अग्रसेन दर्शन: सामाजिक जिम्मेदारी से लेकर स्टार्टअप और पेशेवर उत्कृष्टता तक’ विषय पर आयोजित इस सेमिनार में उन्होंने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को सामाजिक समरसता, परस्पर सहयोग और आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार बताया। इस अवसर पर
उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित महाराजा अग्रसेन पीठ के अंतर्गत शोध कार्य करने वाले शोधार्थियों को ₹15-15 हजार की छात्रवृत्ति देने की घोषणा की।
कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के विचार आज भी समाज को एकजुट करने और प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर देने की प्रेरणा देते हैं। लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व उनके द्वारा स्थापित आदर्श समानता, अहिंसा, सामाजिक एकता और सहयोग की भावना पर आधारित थे। उनकी ‘एक ईंट-एक रुपया’ की परंपरा सामूहिक जिम्मेदारी और जरूरतमंदों को सशक्त बनाने का ऐसा संदेश देती है, जो आज के आधुनिक युग में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां आर्थिक समृद्धि के साथ प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सामाजिक समानता और परस्पर सहयोग को महत्व दिया जाए। आज के समय में इन सिद्धांतों को अपनाते हुए युवाओं को शिक्षा, नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमशीलता के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने और समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित होना चाहिए।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के अनुरूप देश में समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। महाराजा अग्रसेन जी के सिद्धांत भी सामूहिक सहभागिता और समाज के प्रत्येक वर्ग की उन्नति का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों, उद्यमियों, शिक्षण संस्थानों और युवाओं के संयुक्त प्रयासों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
अग्रोहा धाम के विकास और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने अग्रोहा धाम के लिए ₹40 करोड़ की राशि मंजूर की है। इससे अग्रोहा में खुदाई कार्य को आगे बढ़ाने तथा महाराजा अग्रसेन जी के जीवन, उनके विचारों और समाज कल्याण के लिए किए गए कार्यों से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी को सामने लाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अग्रोहा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक भी है। यहां की ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाना है।
महाराजा अग्रसेन पीठ में शोध को मिलेगा प्रोत्साहन, शोधार्थियों को छात्रवृत्ति
विश्वविद्यालय में स्थापित महाराजा अग्रसेन पीठ की सराहना करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में महापुरुषों के विचारों और योगदान पर शोध को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है। शोध के माध्यम से उनके सिद्धांतों को आधुनिक सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक परिस्थितियों से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने महाराजा अग्रसेन पीठ के अंतर्गत शोध कार्य करने वाले शोधार्थियों को ₹15-15 हजार की छात्रवृत्ति देने की घोषणा करते हुए कहा कि प्रतिभाशाली युवाओं को शोध के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करना समाज की बौद्धिक एवं वैचारिक समृद्धि में योगदान देगा। उन्होंने पीठ में शोध गतिविधियों को विस्तार देने तथा पीएचडी के लिए आरक्षित सीट का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर श्री विपुल गोयल ने समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन यज्ञशाला का अवलोकन भी किया।
शिक्षा, शोध और उद्यमशीलता से आगे बढ़ेगा समाज
कार्यक्रम में हरियाणा प्रदेश वैश्य महासम्मेलन के अध्यक्ष एवं सोनीपत के मेयर श्री राजीव जैन ने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों और सामाजिक एकता के महत्व पर विचार रखे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने शिक्षा एवं शोध के माध्यम से महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता सीए नवीन सिंगल ने सेमिनार के विषय पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए। महाराजा अग्रसेन पीठ की प्रभारी डॉ. ममता अग्रवाल ने पीठ की गतिविधियों और शोध कार्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली, नगर परिषद की चेयरपर्सन श्रीमती विनीता पीपल, डीएमसी श्री प्रदीप अहलावत, तहसीलदार श्री रमन कुंडू, हरियाणा प्रदेश वैश्य महासम्मेलन के सचिव श्री दुर्गा दत्त गोयल, जिला अध्यक्ष श्री बृजलाल गोयल, श्री रिपुदमन गुप्ता, श्री अजय मित्तल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के आदर्श हमें सिखाते हैं कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब विकास के अवसर सभी तक पहुंचें। सामाजिक समरसता, शिक्षा, शोध, जनसेवा और आर्थिक आत्मनिर्भरता एक सशक्त समाज के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने सभी से महाराजा अग्रसेन जी के विचारों को अपने जीवन में अपनाने और सहयोग एवं सेवा की भावना के साथ समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।



