20 से 30 के बीच आंतों को मजबूत रखना क्यों है जरूरी Research के अनुसार 20 से 30 की उम्र में पेट की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी डॉ ह्रदयेश कुमार

अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के संस्थापक डॉ ह्रदयेश कुमार सदैव आपके स्वास्थ्य पर विशेष रूप से लोगों को जागरुक करते हुए हमेशा सामाज हीत में समर्पित होते हैं इस लिए आप को कुछ जानकारी देते हुए बताया कि
20 की उम्र में Gut Health सुधारने के लिए फाइबर युक्त भोजन, पानी और स्वस्थ जीवनशैली
ज्यादातर लोग 20 की उम्र में करियर, पढ़ाई और दोस्तों के साथ जिंदगी का आनंद लेने में व्यस्त रहते हैं। इस दौरान अक्सर खाना भी जैसे-तैसे खा लिया जाता है, कभी नाश्ता छोड़ दिया, कभी देर रात पिज्जा-बर्गर खा लिया, तो कभी पूरा दिन चाय-कॉफी के सहारे निकाल दिया। उस समय तो यह सब सामान्य लगता है, लेकिन यही आदतें आगे चलकर पेट की सेहत पर असर डाल सकती हैं।
20 से 30 साल की उम्र, ऐसी उम्र है जब अगर आप अपने गट (आंतों) का ध्यान रखना शुरू कर दें, तो भविष्य में पाचन संबंधी कई समस्याओं का खतरा कम किया जा सकता है।
Chest Pain Symptoms: सीने में दर्द हर बार हार्ट अटैक नहीं होता, ये वजहें भी हो सकती हैं
Harvard Health Publishing के अनुसार, हमारी आंतों में खरबों अच्छे बैक्टीरिया रहते हैं, जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। ये सिर्फ खाना पचाने में ही मदद नहीं करते, बल्कि इम्यून सिस्टम, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालते हैं। अगर इन अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने लगे, तो कब्ज, गैस, पेट फूलना और बार-बार अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
कॉलेज या नौकरी की शुरुआत में अनियमित दिनचर्या आम बात है। देर रात तक जागना, बाहर का प्रोसेस्ड फूड खाना, मीठे ड्रिंक्स पीना और कई-कई घंटे खाली पेट रहना धीरे-धीरे गट हेल्थ को प्रभावित कर सकता है। Nature Reviews Gastroenterology & Hepatology में प्रकाशित शोध के अनुसार, खानपान और जीवनशैली का सीधा असर आंतों में रहने वाले माइक्रोबायोम पर पड़ता है।
रोज के खाने में फल, हरी सब्जियां, सलाद, दालें, ओट्स और साबुत अनाज शामिल करें। फाइबर अच्छे बैक्टीरिया का भोजन होता है और पाचन को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से बचें चिप्स, इंस्टेंट फूड, मीठे पेय और बहुत ज्यादा तली-भुनी चीजें कभी-कभार ठीक हैं, लेकिन इन्हें रोज की आदत बनाना सही नहीं है।
समय पर खाना खाएं कभी दोपहर में पहला खाना और कभी रात 11 बजे डिनर, ऐसी आदतें पाचन तंत्र की प्राकृतिक लय को बिगाड़ सकती हैं। कोशिश करें कि रोज लगभग एक ही समय पर भोजन करें।
पर्याप्त पानी पिएं कम पानी पीने से कब्ज और पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी गट हेल्थ का जरूरी हिस्सा है।
रोज थोड़ा थोड़ा चलें खाना खाने के बाद 15- 20 मिनट की हल्की वॉक भी पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। लंबे समय तक बैठे रहने से बचें।
छोटी-छोटी आदतें, बड़ा फायदा होता है हेल्थ एक दिन में खराब या बेहतर नहीं होती। रोज की छोटी-छोटी आदतें ही लंबे समय में बड़ा अंतर पैदा करती हैं। इसलिए 20 की उम्र में सही खानपान और सक्रिय जीवनशैली अपनाना आने वाले वर्षों में आपकी सेहत के लिए फायदेमंद निवेश साबित हो सकता है।
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Mahesh Gotwal

Mobile No.-91 99535 45781, Email: mgnewsnetwork18@gmail.com, ऑफिस एड्रेस: 5G/34A बसंत बग्गा कांपलेक्स NIT Faridabad 121001

Related Articles

Back to top button