कुरुक्षेत्र में उमड़ा शोक का सागर: उद्योगपति एवं प्रख्यात समाजसेवी प्रिक्षित मदान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे भारत अशोक अरोड़ा

फरीदाबाद के उद्योगपति और समाजसेवी भारत अशोक अरोड़ा आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र (थानेसर) स्थित दिवंगत उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रिक्षित मदान के निवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने प्रिक्षित मदान के समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए उनके निधन को एक अपूरणीय क्षति बताया।
उद्योगपति और समाजसेवी प्रिक्षित मदान का आकस्मिक निधन 1 मई 2026 को हो गया था। उनका अंतिम संस्कार उसी दिन सेक्टर-5 स्वर्गाश्रम, कुरुक्षेत्र में संपन्न हुआ। उनके निधन से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा समाज शोक में डूब गया है।
प्रिक्षित मदान हरियाणा के कुरुक्षेत्र (थानेसर) के एक प्रमुख समाजसेवी और पंजाबी समाज के सम्मानित चेहरे थे। उन्हें सर्व समाज में पहचान रखने वाले और एक मजबूत सामाजिक नेतृत्वकर्ता के रूप में जाना जाता था। राजनीति में भी उनका गहरा जुड़ाव था और विभिन्न दलों के नेताओं के बीच उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता था।
उनके संबंध देश के कई बड़े नेताओं से बेहद करीबी रहे। पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के साथ उनकी विशेष मित्रता थी। बताया जाता है कि जब ज्ञानी जैल सिंह राष्ट्रपति बनने के बाद कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे थे, तब उन्होंने विशेष रूप से प्रिक्षित मदान से मिलने की इच्छा जताई थी। इसके अलावा चौधरी भजन लाल और चौधरी बंसीलाल जैसे दिग्गज नेताओं के साथ भी उनके पारिवारिक संबंध रहे।
आज भारत अशोक अरोड़ा ने स्वर्गीय श्री परीक्षित मदन जी की श्रद्धांजलि सभा में (पाल प्लाजा) कुरुक्षेत्र पहुंचकर श्रद्धांजलि देना से यह साफ झलकता है कि प्रिक्षित मदान ने अपने जीवन में समाज और लोगों के बीच गहरी छाप छोड़ी थी, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगाश्रद्धांजलि सभा में भारत अरोड़ा के साथ विशेष रूप से श्री ब्रिज मोहन मदान श्री विक्रांत कांत श्री लक्ष्मीकांत खेड़ा एवं हरीश अरोड़ा विशेष रूप से मौजूद रहे।।



