इंटरनेशनल अरोड़वंश खत्री फाउंडेशन की बैठक में समाज के उत्थान पर दिया जोर

फरीदाबाद : इंटरनेशनल अरोड़वंश खत्री फाउंडेशन की महत्वपूर्ण बैठक वर्ल्ड स्ट्रीट पर AIFOM कार्यालय प्रांगण में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डा.एनसी वधवा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन राकेश वधवा व श्याम सुंदर कपूर ने किया। बैठक में विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा एवं उत्तराखंड के विभिन्न शहरों से विशिष्ट सदस्यों सहित दिल्ली एनसीआर के शहरों से प्रशासनिक, उद्योग, कारोबार, शिक्षा, मीडिया, चिकित्सा, न्यायिक क्षेत्र से जुड़े 54 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक की शुरुआत सभी प्रतिनिधियों द्वारा अपना परिचय देने से हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डा.एनसी वधवा ने संस्था के गठन के उद्देश्य से लेकर समाज हित में अब तक हुए कार्यों पर प्रकाश डाला। संचालन करते हुए राकेश वधवा ने अब तक हुई संस्था की पिछली छह बैठकों के बारे में बताया। बैठक में डा.एनसी वधवा सहित सभी सदस्यों ने पंजाबी समाज के लोगों द्वारा आजादी के आंदोलन से लेकर देश को आजाद कराने के साथ-साथ उसके बाद राष्ट्र को आगे बढ़ाने में दिए योगदान पर चर्चा की। बैठक में एक सदस्य के सुझाव पर संस्था के नाम के अनुरूप इसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के बिंदु पर चर्चा हुई। एक प्रतिनिधि अनिल अरोड़ा ने साथ ही साथ अपने बेटे का नाम दिया जो मेलबर्न में रहते हैं और आस्ट्रेलिया चैप्टर की शुरुआत करेंगे। अन्य देशों में चैप्टर स्थापित करने के लिए विभिन्न सदस्यों से शीघ्र नाम देने का आग्रह किया गया। सभी सदस्यों ने इस बारे शीघ्र नाम देने का भरोसा दिलाया। मीटिंग में यह तय हुआ कि देशभर के विभिन्न शहरों से प्रबुद्ध वर्ग के लोगों को संस्था से जोड़ कर सदस्यों की संख्या 500 तक की जाए और 500 का आंकड़ा पार होते ही एक तिथि तय कर संस्था का बड़ा सम्मेलन हरिद्वार में आयोजित किया जाएगा। सभी उपस्थित सदस्यों ने सहमति जताई और ध्वनि मत से पारित किया। डा.एनसी वधवा ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। 
बैठक में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुनील गुलाटी, अशोक दिवाकर, जगदीश ग्रोवर, तिलक राज मल्होत्रा, डा.सुभाष खन्ना , आरके चिलाना, पवन छगटिका, अमरीक सिंह, सुनील आनंद, एडवोकेट अनिल कुमार बिमल, अनिल डावरा, आरके अरोड़ा, सरकार तलवाड़, डा.आहूजा, वासदेव अरोड़ा, प्रमोद मिनोचा, एडवोकेट रीटा कपूर, डा.पूनम वधवा, हरप्रीत कौर, अलका भाटिया, एसके सचदेवा, वीरेंद्र मेहता, सुनील मेहता, साहिल ललित, रवि मेहता, एडवोकेट मुकेश नांगिया, संध्या बजाज, डीपी आहूजा, अनिल अरोड़ा, डीआर नंदा, आरएन कालड़ा, पीके कपूर, भूपेश मेहता, विजय खुराना, पांचजन्य बतरा, जगदीश लाल पाहवा, परमानंद पोपली, मुलक राज कालड़ा, डा.राकेश त्रैहन, संदीप तनेजा, अनुराग बक्शी, रविंद्र बतरा, सुरेंद्र जगा, रमा सरना, विकास वर्मा, डा.आरके वधवा, योगिता धीर, नवीन धमीजा, संजय कपूर, सुशील भाटिया, हरविंदर कोहली ने उपस्थित होकर अपने विचार रखे और सुझाव दिए।



