अन्नदाता की सुविधा के लिए तकनीक और व्यवहार दोनों में किया बदलाव – राजेश नागर

फरीदाबाद। प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने आज विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला आपूर्ति नियंत्रकों की बैठक ली। जिसमें रबी सीजन में जिला वार गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित करने, खरीद एजेंसीयों की तैयारी और स्टाफ की उपलब्धता आदि मुद्दों पर चर्चा हुई।
गौरतलब है कि हरियाणा की मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होनी है। उन्होंने मंडियों में किसानों के लिए पीने के पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, शेड व बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने सहित सफाई एवं स्वच्छता की उचित व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं समय पर और प्रचुर बारदाना की आपूर्ति एवं प्रबंध करने, खरीदे गए गेहूं का मंडियों से समय पर उठान करवाने, उनका गोदाम में भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था करने, अनाज उठाने के लिए पर्याप्त ट्रांसपोर्ट की उपलब्धता करवाने, परिवहन में हेराफेरी की आशंका को रोकने और एमएसपी का भुगतान निर्धारित समय सीमा 48 से 72 घंटे में सुनिश्चित करने के बारे में निर्देश दिए।
मंत्री राजेश नागर ने कहा कि किसान को भुगतान में किसी प्रकार से देरी न हो इसका ध्यान रखा जाए। इसके साथ-साथ गेहूं खरीद में गुणवत्ता मानकों का सही तरीके से पालन करने, मॉइश्चराइजर आदि की सही जांच करने, खरीद एजेंसी, मंडी बोर्ड और जिला प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल कर अन्नदाता किसान को अच्छा अनुभव देने के लिए भी निर्देश दिए।
मंत्री राजेश नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर अन्नदाता को गुडफील कराने के लिए आज पूरे प्रदेश के जिला आपूर्ति नियंत्रकों के साथ बैठक की है जिसमें गेहूं खरीद की डेली रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों की सहायता के लिए प्रदेश स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 180 2066 और कंट्रोल रूम नंबर 0172 2701215 स्थापित किए गए हैं। जिनपर किसानों को अनाज खरीद से संबंधित सभी सूचनाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा सभी मंडियों में एक शिकायत रजिस्टर भी सुनिश्चित किया जाएगा।
मंत्री नागर ने बताया कि इस वर्ष रबी के सीजन में हरियाणा में 72 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके लिए तमाम व्यवस्थाओं की आज समीक्षा की गई है। उन्होंने किसानों को भी सलाह दी है कि वह अनाज लाने के लिए पंजीकरण नंबर लिखे वाहन का प्रयोग करें और अपने पहचान दस्तावेज साथ लाएं क्योंकि इस बार किसानों की वास्तविक पहचान के लिए मंडियों में बायोमेट्रिक व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त फर्जी गेट पास से निपटने के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से जियो टैग और किसानों के डिजिटल हस्ताक्षर भी प्रयोग किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर हम अन्नदाता किसान को बिना किसी परेशानी के अपना अनाज मंडियों में बेचने की व्यवस्था करेंगे।

Mahesh Gotwal

Mobile No.-91 99535 45781, Email: mgnewsnetwork18@gmail.com, ऑफिस एड्रेस: 5G/34A बसंत बग्गा कांपलेक्स NIT Faridabad 121001

Related Articles

Back to top button