मानव रचना विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एनर्जी मैटेरियल्स एंड रिचार्जेबल बैटरीज सम्मेलन

आईसीईएमआरबी-2026 में पोस्टर प्रतियोगिता में सीएसआईआर की पूजा और मौखिक प्रस्तुति में भोपाल के प्रवीन यादव प्रथम
-देश विदेश के प्रतिनिधियों ने विभिन्न वर्गों में शोध पत्रों की दी प्रस्तुति
-एमआरयू की एकशा यंग अचीवर वर्ग में प्रथम
-सर्वश्रेष्ठ अंतर-विषयक परियोजना में काजल, याविश, जतिन, गीता की टीम बनी विजेता
फरीदाबाद : मानव रचना विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ साइंसेज द्वारा आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीईएमआरबी-2026 (इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एनर्जी मैटेरियल्स एंड रिचार्जेबल बैटरीज) तथा साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रगति पर सैटेलाइट संगोष्ठी के समापन समारोह में विभिन्न वर्गों में सर्वश्रेष्ठ अंतरविषयक परियोजना, युवा महिला वैज्ञानिक, युवा उपलब्धिकर्ता, सर्वश्रेष्ठ पोस्टर और सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। 
इस क्रम में पोस्टर प्रस्तुति में सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला की पूजा रानी ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। यूनिवर्सिटी की प्रो वाइस चांसलर प्रो.(डॉ.) संगीता बांगा एवं रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) संजय मिश्रा ने सम्मानित किया। इस श्रेणी में द्वितीय स्थान अंजू पहल (एनाएसयूटी) एवं तृतीय स्थान सत्यम सिंह (दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, दिल्ली)
व ज्योति (एमएनआईटी जयपुर) एवं प्रिया पांडे (दिल्ली) ने हासिल किया।
मौखिक प्रस्तुति में प्रथम स्थान प्रवीन कुमार यादव (नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, भोपाल), द्वितीय स्थान भावी अग्रवाल (यूपीईएस देहरादून), द्वितीय स्थान मधु (जी. बी. पंत यूनिवर्सिटी), तृतीय स्थान मनीष कुमार (दिल्ली विश्वविद्यालय) व अंजलि (मानव रचना यूनिवर्सिटी) ने प्राप्त किया।
युवा उपलब्धि हासिल करने वाले (यंग अचीवर) वर्ग में
एकशा (मानव रचना यूनिवर्सिटी), जितेन्द्र कुमार यादव (आईआईटी जोधपुर), अपर्णा अशोक (सिम्बायोसिस इंटरनेशनल डीम्ड यूनिवर्सिटी, पुणे) ने पुरस्कार हासिल किए।
सर्वश्रेष्ठ अंतर-विषयक परियोजना में प्रथम स्थान काजल, याविश, जतिन, गीता (मानव रचना यूनिवर्सिटी), द्वितीय स्थान दक्ष मेहता, देवांशु शर्मा, प्रियेश रंजन चौबे, डॉ. अर्चना रानी (जी. डी. गोयनका यूनिवर्सिटी) ने हासिल किया।
यह बता दें कि चार दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस.कृष्णन ने किया था।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो डा.दीपेंद्र कुमार झा के अनुसार
इस सम्मेलन का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रभाव था, जिसमें विदेश व देश के विभिन्न शहरों की यूनिवर्सिटी और तकनीकी संस्थानों के प्रमुख आमंत्रित वक्ताओं व प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें पर्ड्यू यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का लिंकन, एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी (अमेरिका); हिरोशिमा विश्वविद्यालय, जापान, बेलारूसीयन स्टेट यूनिवर्सिटी (बेलारूस); कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, डेगू ग्योंगबुक विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान, चुंगबुक नेशनल यूनिवर्सिटी (दक्षिण कोरिया); पेरिस-सैक्ले यूनिवर्सिटी (फ्रांस); हनोई यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (वियतनाम); यूनिवर्सिटी ऑफ द वेस्ट इंडीज (त्रिनिदाद और टोबैगो); ट्रॉय यूनिवर्सिटी (अमेरिका); इंस्टिट्यूटो डी कैटालिसिस वाई पेट्रोलेओक्विमिका (स्पेन); नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लेसोथो (दक्षिणी अफ्रीका); फेडरल यूनिवर्सिटी डुटसे (नाइजीरिया); त्रिभुवन यूनिवर्सिटी (नेपाल); और यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न डेनमार्क (डेनमार्क) ने प्रमुख रूप से भाग लिया।
सम्मेलन के सत्रों में एनर्जी मैटेरियल्स, फ्यूल सेल और सोलर डिवाइस, रिचार्जेबल बैटरी, सिंक्रोट्रॉन तकनीक, कंप्यूटेशनल तरीके, बैटरी रीसाइक्लिंग, पर्यावरण संबंधी मुद्दे और बहु-विषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) शोध जैसे विषयों को शामिल किया गया। विभिन्न सत्रों में ऊर्जा सामग्री, ईंधन सेल एवं सौर उपकरण, रिचार्जेबल बैटरी, सिंक्रोट्रॉन तकनीकें, कम्प्यूटेशनल पद्धतियाँ, बैटरी पुनर्चक्रण एवं पर्यावरणीय पहलू तथा बहुविषयक अनुसंधान जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रस्तुतकर्ताओं को सम्मेलन के प्रकाशन भागीदारों आरएससी एडवांस और डिस्कवर इलेक्ट्रो केमेस्ट्री में अपना शोध जमा करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
आयोजकों ने सीएसआईआर व केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का आभार व्यक्त किया, जिनके आर्थिक सहयोग से यह आयोजन संभव हुआ।



