भारत-स्वीडन संबंधों को सुदृढ़ बनाने और हरियाणा में निवेश के नए अवसरों पर हुई सार्थक चर्चा: विपुल गोयल

15 अक्टूबर 2026। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने स्वीडन के दौरे के दौरान स्वीडन सरकार के अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एवं विदेश व्यापार मंत्री माननीय श्री बेंजामिन डौसा के साथ आयोजित द्विपक्षीय बैठक में सहभागिता की। बैठक में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने, व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग की नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग, विदेश व्यापार और ‘सिस्टर सिटी’ (Sister City) की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को व्यापक बनाने के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि भारत और स्वीडन के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने की व्यापक संभावनाएं हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी से निवेश को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ तकनीकी सहयोग, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है। हरियाणा अपनी औद्योगिक क्षमता, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश की संभावनाओं के माध्यम से इस साझेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बैठक में हरियाणा के 18 ड्राई पोर्ट के माध्यम से व्यापारिक एवं लॉजिस्टिक्स सहयोग को बढ़ाने के विषय पर भी चर्चा की गई। इस सहयोग से निर्यात, माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इसके अतिरिक्त, ‘सिस्टर सिटी’ की अवधारणा के तहत शहरों के बीच आपसी सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान और विकास संबंधी पहलों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर विपुल गोयल ने स्वीडन के मंत्री श्री बेंजामिन डौसा को आगामी ‘हैपनिंग हरियाणा’ में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच हरियाणा की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसरों और विकास की संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनके जरिए विभिन्न देशों के उद्योगों, निवेशकों और संस्थानों के बीच संवाद तथा साझेदारी को बढ़ावा मिल सकता है।
विपुल गोयल ने कहा कि भारत और स्वीडन के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय निवेश के नए अवसरों को प्रोत्साहित करना इस तरह की बैठकों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। व्यापार, उद्योग, शिक्षा, कौशल विकास और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाकर दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं संस्थागत संबंधों को और व्यापक बनाया जा सकता है।
बैठक में हुई चर्चा भारत-स्वीडन सहयोग को आगे बढ़ाने, हरियाणा के औद्योगिक विकास को अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से जोड़ने तथा भविष्य में निवेश एवं व्यापार के नए अवसर तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।



