कैंसर स्क्रीनिंग ऑन व्हील्स फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद ने लोगों को उनके घरों के नजदीक कैंसर स्क्रीनिंग को सुलभ बनाने के लिए फरीदाबाद इंडस्ट्रीज़ एसोएशन चेरिटेबल सोसायटी तथा रोटरी क्लब फरीदाबाद के सहयोग से‘सेहत एक्सप्रेस मोबाइल बस शुरू की

फरीदाबाद, 05 अक्टूबर, 2026: फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद ने फरीदाबाद इंडस्ट्रीज़ एसोएशन चेरिटेबल सोसायटी तथा रोटरी क्लब फरीदाबाद के सहयोग से ‘सेहत एक्सप्रेस’ शुरू करने की घोषणा की है। इस मोबाइल हेल्थकेयर बस के जरिए फरीदाबाद समेत आसपास के इलाकों में रहने वाले समुदायों के लिए मुफ्त कैंसर जांच, मेडिकल परामर्श और स्वास्थ्य जागरूकता सेवाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सूरजकुंड मेल ग्राउंड में आयोजित फरीदाबाद हाफ मैराथन के दौरान, सेहत एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से रवाना किया। सेहत एक्सप्रेस – सेहत आपके द्वार, प्रीवेंशन हर बार”* अभियान के तहत् की गई यह पहल कैंसर एवं हेल्थ स्क्रीनिंग्स, विशेषज्ञों द्वारा मेडिकल परामर्श तथा स्वास्थ्य जागरूकता सेवाओं को फरीदाबादवासियों के लिए उनके गली-मुहल्लों और घर-द्वार तक पहुंचाएगी। इस मोबाइल हेल्थकेयर बस द्वारा, फरीदाबाद सहित आसपास के गांवों, औद्योगिक केंद्रों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (पीएसयू), रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) तथा आवासीय सोसायटियों में नियमित, मुफ्त आउटरीच कैंपों का आयोजन किया जाएगा ताकि प्रीवेंटिव हेल्थकेयर तक सभी की आसान पहुंच बने। 
समुदायों तक अधिकाधिक पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के साथ पहले वर्ष में 100 से अधिक सामुदायिक स्थलों तक इस पहल का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस वाहन में विशेष मेडिकल उपकरणों, जैसे मैमोग्राफी एवं एक्स-रे यूनिटों को शामिल किया गया है जो लक्षित कैंसर जांच के साथ-साथ अन्य सामान्य डायग्नॉस्टिक मूल्यांकनों में भी उपयोगी होते हैं। सेहत एक्सप्रेस पर तैनात फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल फरीदाबाद के डॉक्टर फरीदाबाद वासियों एवं आसपास के अन्य इलाकों के बाशिन्दों की स्वास्थ्य समस्याओं संबंधी परामर्श के लिए उपलब्ध होंगे।
श्री मोहन सोनी, प्रेसीडेंट रोटरी क्लब ऑफ फरीदाबाद मिडटाउन* ने कहा, “किसी भी स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए दहलीज़ तक प्रीवेंटिव हेल्थकेयर सेवाओं को सुलभ कराना महत्वपूर्ण होता है। सेहत एक्सप्रेस का लॉन्च एक सराहनीय कम्युनिटी आउटरीच पहल है। मैमोग्राफी तथा एक्स-रे जैसे स्पेश्यलाइज़्ड डायग्नॉस्टिक टूल्स फरीदाबाद तथा आसपास के गांवों, रिहाइशी इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने से नागरिकों के लिए समय पर मेडिकल सहायता उपलब्ध होगी और उन्हें स्वास्थ्य को लेकर भी अधिक जागरूक बनाने में मदद मिलेगी।
*श्री नवदीप चावला, चेयरमैन, एफआईए चेरिटेबल सोसायटी* ने कहा, “समुदाय के स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक हेल्थकेयर सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। सेहत एक्सप्रेस का लॉन्च प्रीवेंटिव हेल्थ स्क्रीनिंग्स और सभी के लिए प्रारंभिक डायग्नॉसिस टूल्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पहल के जरिए, हम नियमित हेल्थ-चेक अप को प्रोत्साहित करने तथा समय-समय पर मेडिकल जांच को रूटीन आदत बनाने पर ज़ोर देना चाहते हैं।”
*डॉ बी डी पाठक, सीनियर डायरेक्टर, जीआई, मिनीमॅल एक्सेस एंड बेरियाट्रिक सर्जरी, डॉ सिद्धार्थ शंकर सूद, सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ओंकोलॉजी, हेमेटो-ओंकोलॉजी एंड सैलुलर थेरेपीज़, डॉ इतिशा चौधरी, सीनियर कंसल्टेंट, सर्जिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स फरीदाबाद* ने कहा, “कैंसर के खिलाफ अभियान में समय पर डायग्नॉसिस और उपचार महत्वपूर्ण कड़ियां हैं। स्पेश्यलाइज़्ड मेडिकल ओंकोलॉजी और स्क्रीनिंग को लोगों के घरों के नजदीक पहुंचाकर, ’सेहत एक्सप्रेस’ पहल यह सुनिश्चित करेगी कि किसी मरीज को भी आरंभिक निदान तथा जीवन-रक्षक देखभाल में देरी का सामना नहीं करना पड़े। प्रीवेंटिव हेल्थकेयर किसी भी स्थिति में भूगोल या लोगों के विशेषाधिकारों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। ‘सेहत एक्सप्रेस’ के लॉन्च के साथ, हम कैंसर स्क्रीनिंग्स को अस्पतालों के गलियारों से बाहर सीधे लोगों के मुहल्लों-पड़ोस तक पहुंचा रहे हैं, ताकि शीघ्र जांच सुविधाओं का लाभ उठाकर लोग अपनी सेहत की जिम्मेदारी ले सकें।
*डॉ अभिषेक शर्मा, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, फरीदाबाद*, ने कहा, “शुरुआती जांच से उपचार के नतीजों में काफी सुधार होता है, खासतौर से क्रोनिक कंडीशंस और गैर-संक्रामक कैंसर रोगों के मामलों में यह वाकई उपयोगी होता है। सेहत एक्सप्रेस के साथ हम स्पेश्यलाइज़्ड डायग्नॉस्टिक सेवाओं, जैसे मैमोग्राफी और रेडियोग्राफी को समुदायों के द्वार तक पहुंचा रहे हैं। आगामी वर्ष में 100 से अधिक लोकेशंस पर नियमित आउटरीच के जरिए हमारा लक्ष्य लोगों के लिए भौगोलिक और लॉजिस्टिकल अवरोधों को दूर करना तथा प्रीवेंटिव हेल्थकेयर को सुलभ बनाकर शुरुआती स्टेज में क्लीनिकल इंटरवेंशन में मदद पहुंचाना है।



